राजस्थान के जौहर और साके
राजस्थान की भूमि जौहर और सके के लिए पहचानी जाती है। यह की रानी महारानियो ने अपनी जान गवा दी लेकिन अपनी पवित्रता को धूमिल नहीं होने दिया। राजस्थान के प्रमुख सके -
साका :- जब केसरिया और जौहर दोनों एक साथ किये जाते है तो उसे साका बोला जाता है।
चित्तौड़गढ़ :-
- सन 1303 में जब अल्लाउद्दीन खिलजी ने रणथम्भौर विजय के बाद चित्तौड़ को लूटा तब रतन सिंह की महारानी पद्मनी ने जौहर किया। यह राजस्थान का पहला जौहर था।
- 1534 -1535 में जब गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह ने जब चित्तौड़ पर आक्रमण किया तब बागसिंह के नेत्रत्व् में राजपूतो ने आक्रमण का सामना किया। उस समय रानी कर्णावती और महल की हजारो वीरांगनाओ ने जौहर किया।
- 1568 में जब अकबर ने उदय सिंह पर आक्रमण किया तब जयमल और फत्ता ने केसरिया किया और महल की वीरांगनाओ ने जौहर किया।
रणथम्भौर दुर्ग:-
1301 ई. में जब राम हम्मीर देव चौहान ने अलाउद्दीन के विद्रोही सेनापतियों को अपने यह शरणागत किया तब रानियों व् दुर्ग की वीर नारियो ने रानी रंगदेवी के साथ जौहर किया। यह रणथम्भौर का प्रसिद्द साका और जौहर था।

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